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15 अक्टूबर से UPI से रेल टिकट भुगतान पर नया नियम, ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर ₹5 MDR

मुंबई। डिजिटल भुगतान के जरिए रेलवे टिकट और सीजन पास खरीदने वालों के लिए 15 अक्टूबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। नए UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे के तहत रेलवे से जुड़े ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR लागू होगा। MDR पर 18 प्रतिशत GST जोड़ने पर भुगतान प्रोसेसिंग की कुल लागत ₹5.90 बैठती है।
हालांकि यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR मूल रूप से मर्चेंट यानी सेवा प्रदाता पर लगाया गया शुल्क है। केंद्र की ओर से बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को इसे ग्राहकों पर नहीं डालने के निर्देश दिए जाने की खबर है। इसलिए ₹5.90 को हर यात्री से अनिवार्य रूप से अतिरिक्त वसूले जाने वाले शुल्क के रूप में देखना फिलहाल सही नहीं होगा। कुछ रिपोर्टों में यात्रियों से यह राशि लिए जाने की बात कही गई है, जबकि अन्य रिपोर्ट स्पष्ट करती हैं कि यह मर्चेंट-साइड लागत है।
नई MDR व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी। इसके दायरे में चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M UPI भुगतान आएंगे। सामान्य तौर पर ₹2,000 से अधिक के पात्र मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन है। रेलवे, ईंधन, दूरसंचार, बीमा और कुछ अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए प्रतिशत के बजाय ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है।
रेलवे के मामले में इसका असर उन ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा जिनकी कीमत ₹2,000 से अधिक है। मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में फर्स्ट क्लास और AC के महंगे सीजन पास इस सीमा में आ सकते हैं। साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, त्रैमासिक, छमाही और वार्षिक पास में से जिनकी कीमत निर्धारित सीमा से ज्यादा होगी, उनके UPI भुगतान पर नया MDR ढांचा लागू हो सकता है।
मुंबई में बड़ी संख्या में यात्री नियमित रूप से लोकल ट्रेनों के सीजन पास का इस्तेमाल करते हैं। खासतौर पर लंबी दूरी के AC और फर्स्ट क्लास पास की कीमत ₹2,000 से ज्यादा होने के कारण ऐसे ट्रांजैक्शन नए नियम के दायरे में आ सकते हैं। सामान्य श्रेणी के कम कीमत वाले टिकट और ₹2,000 तक के पात्र भुगतान इस MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, CSMT से कल्याण के बीच एक महीने के AC पास की मौजूदा कीमत ₹2,340 है। यदि ₹5 MDR और उस पर 90 पैसे GST की लागत यात्री से ली जाती है, तो कुल भुगतान ₹2,345.90 हो सकता है। इसी तरह CSMT-कल्याण के तीन महीने के फर्स्ट क्लास पास की मौजूदा कीमत ₹3,295 बताई गई है। इसमें ₹5.90 जोड़ने पर राशि ₹3,300.90 होगी।
इसी तरह CSMT से पनवेल के बीच एक महीने के AC पास की कीमत ₹2,750 बताई गई है। यदि भुगतान प्रोसेसिंग लागत यात्री के बिल में जोड़ी जाती है तो राशि ₹2,755.90 हो सकती है। हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बढ़ी हुई राशियां उस स्थिति की गणना हैं जब MDR और GST ग्राहक से वसूला जाए। केंद्र की नीति के अनुसार MDR मर्चेंट को वहन करना है और इसे ग्राहक पर डालने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
नए नियम का मतलब यह भी नहीं है कि हर UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगने जा रहा है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा। इसी तरह ₹2,000 तक के पात्र मर्चेंट भुगतान पर नया MDR लागू नहीं होगा। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत P2M UPI ट्रांजैक्शन इस सीमा के भीतर आते हैं और इसलिए उनसे जुड़े भुगतान नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।
नई व्यवस्था का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना बताया गया है। देश में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर क्षमता, साइबर सुरक्षा, फ्रॉड मॉनिटरिंग और ग्राहक सेवा पर होने वाले खर्च को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। नए MDR ढांचे के जरिए भुगतान व्यवस्था में शामिल बैंकों, ऐप और अन्य सेवा प्रदाताओं की लागत का एक हिस्सा पूरा करने की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों के लिए फिलहाल मुख्य बात यही है कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पात्र रेलवे UPI ट्रांजैक्शन पर ₹5 MDR लागू होगा और इस MDR पर 18 प्रतिशत GST के कारण कुल प्रोसेसिंग लागत ₹5.90 बनेगी। लेकिन यह लागत अनिवार्य रूप से यात्री से ही वसूली जाएगी, इस दावे पर अलग-अलग रिपोर्टों में विरोधाभास है। सरकारी नीति संबंधी रिपोर्टें MDR को मर्चेंट की जिम्मेदारी बताती हैं। इसलिए टिकट या पास की कीमत में वास्तविक बढ़ोतरी का अंतिम असर रेलवे और भुगतान व्यवस्था में इसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।





